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October 11, 2026
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डिजिटल इंडिया पर "संकट": योजना हुई फेल, गांव अब भी "डार्क जोन" में "कैद"
उत्तर प्रदेश

डिजिटल इंडिया पर “संकट”: योजना हुई फेल, गांव अब भी “डार्क जोन” में “कैद”

विनोद मिश्रा डायरेक्टर सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश

  • विनोद मिश्रा

चित्रकूट। एक ओर देश “डिजिटल इंडिया” की ओर “तेजी से बढ़ने का दावा” कर रहा है, वहीं दूसरी ओर “चित्रकूट जनपद के कई गांव” आज भी “संचार सुविधा से वंचित” हैं। मानिकपुर तहसील में बीएसएनएल की मोबाइल “टावर योजना अधूरी” रह जाने से यह क्षेत्र “डार्क जोन” की गिरफ्त में है। हालात यह हैं कि जिन गांवों को नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई गई थी, उनमें से अधिकांश आज भी पूरी तरह “कटे” हुए हैं।

डिजिटल इंडिया पर "संकट": योजना हुई फेल, गांव अब भी "डार्क जोन" में "कैद"

बीएसएनएल द्वारा मानिकपुर तहसील के सात गांवों में मोबाइल टावर लगाने की योजना तैयार की गई थी, लेकिन यह योजना कागजों तक ही सिमटकर रह गई। छह गांवों में शून्य जनसंख्या का हवाला देकर टावर नहीं लगाए जा सके, जबकि केवल गोडरहाई गांव में ही टावर स्थापित हो पाया। यह स्थिति कई प्रश्न खड़े करती है कि क्या योजना बनाते समय जमीनी हकीकत का आकलन किया गया था या नहीं।

डिजिटल इंडिया पर "संकट": योजना हुई फेल, गांव अब भी "डार्क जोन" में "कैद"

मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण इन क्षेत्रों के लोग डिजिटल सेवाओं से पूरी तरह कटे हुए हैं। ऑनलाइन शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं का लाभ भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों को छोटी-छोटी जानकारी के लिए भी कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। आगामी पंचायत और विधानसभा चुनावों को देखते हुए प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। चुनाव के दौरान संचार व्यवस्था सुचारु रखना बेहद जरूरी होता है, ऐसे में ‘डार्क जोन’ की समस्या प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।

डिजिटल इंडिया पर "संकट": योजना हुई फेल, गांव अब भी "डार्क जोन" में "कैद"

जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने हाल ही में संचार व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनपद के सभी डार्क जोन क्षेत्रों की पहचान कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। बीएसएनएल के एसडीओ विवेक अग्रवाल के अनुसार, जिन गांवों में आबादी नहीं है, वहां टावर लगाना संभव नहीं हो पाया।

डिजिटल इंडिया पर "संकट": योजना हुई फेल, गांव अब भी "डार्क जोन" में "कैद"

इसी कारण योजना अधूरी रह गई और कनेक्टिविटी का विस्तार नहीं हो सका। हालांकि प्रशासन अब सक्रिय होकर गांवों को नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में प्रयास कर रहा है, लेकिन दुर्गम भौगोलिक स्थिति और संसाधनों की कमी बड़ी बाधा बनी हुई है।

 

 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

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