24.5 C
Lucknow
October 14, 2026
City News Uttar Pradesh
नहर सफाई में अरबों का खेल: बांदा को 'बजट' से बाहर कर 1.91 करोड़ की हुई 'कागजी सिंचाई' !
उत्तर प्रदेश

नहर सफाई में अरबों का खेल: बांदा को ‘बजट’ से बाहर कर 1.91 करोड़ की हुई ‘कागजी सिंचाई’ !

विनोद मिश्रा डायरेक्टर सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश

  • विनोद मिश्रा

बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में नहरों की सिल्ट सफाई के नाम पर एक बार फिर ‘सरकारी सिस्टम की असलियत उजागर’ हो गई है ! जहां एक ओर मंडल के तीन जनपदों महोबा, हमीरपुर और चित्रकूट में करोड़ों रुपये की ‘खाना-पूर्ति सफाई’ दिखाकर ‘बजट हजम’ कर लिया गया, वहीं दूसरी ओर बांदा जनपद को पूरी तरह ‘नजरअंदाज’ कर किसानों को ‘सिंचाई संकट में झोंक’ दिया गया।

नहर सफाई में अरबों का खेल: बांदा को 'बजट' से बाहर कर 1.91 करोड़ की हुई 'कागजी सिंचाई' !

मंडल में करीब 1700 किलोमीटर नहरों का जाल फैला है। हर साल रजबहों और नहरों की सिल्ट सफाई के नाम पर सात करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाते हैं। लेकिन इस बार बजट वितरण में ऐसा खेल हुआ कि महोबा,हमीरपुर और चित्रकूट को तो धन मिला, पर बांदा को पूरी तरह ‘नजर अंदाज’ कर दिया गया।

नहर सफाई में अरबों का खेल: बांदा को 'बजट' से बाहर कर 1.91 करोड़ की हुई 'कागजी सिंचाई' !

स्थिति यह है कि बांदा की लगभग 700 किलोमीटर नहरों में भारी मात्रा में सिल्ट जमी हुई है। रजबहों और नहरों की सफाई न होने से पानी टेल तक पहुंचने से पहले ही बर्बाद हो रहा है। रबी सीजन में गेहूं के पलेवा के लिए पानी को तरस रहे किसानों के सामने सिंचाई संकट है। किसानों का आरोप है कि नहरों की सफाई सिर्फ कागजों पर होती है।यही हाल मंडल के अन्य जनपदों का भी बताया जा रहा है, जहां ‘करोड़ों रुपये खर्च’ होने के बावजूद नहरों की ‘हालत जस की तस’ है।

नहर सफाई में अरबों का खेल: बांदा को 'बजट' से बाहर कर 1.91 करोड़ की हुई 'कागजी सिंचाई' !

इस वर्ष चित्रकूट में 340 किलोमीटर नहर सफाई के नाम पर 65 लाख, महोबा में 494 किलोमीटर में 85 लाख और हमीरपुर में 132 किलोमीटर में 41 लाख रुपये खर्च दिखाए गए। कुल मिलाकर 966 किलोमीटर में 1 करोड़ 91 लाख रुपये ठिकाने लगा दिए गए, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि नहरों में सिल्ट आज भी वैसे ही जमी है और पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा।

नहर सफाई में अरबों का खेल: बांदा को 'बजट' से बाहर कर 1.91 करोड़ की हुई 'कागजी सिंचाई' !

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बांदा को इस पूरी ‘प्रक्रिया से बाहर कर दिया’ गया। सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता उस्मान ने खुद स्वीकार किया है कि इस वर्ष शासन ने बांदा जिले को नहरों की सिल्ट सफाई के बजट से वंचित कर दिया। उन्होंने बताया कि कई बार बजट की मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

 

 

 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 
Subscribe to us on Youtube to watch the latest video news updates.

Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh , . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh . Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.

Related News

मंत्री रामकेश नें दिया ‘आशिर्वाद’ : दूधो नहाओ और पूतो फलों, 114 जोड़े ‘एक दूजे’ के हुये

City News Uttar Pradesh

जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील सहकारिता अफसरों पर खफा : मंत्री राठौर से भेंट कर की शिकायत

जन औषधि केंद्र की हालत बदतर: डाक्टर नहीं लिख रहे दवा, प्राइवेट मेडिकल स्टोर डाक्टरों को दे रहे खासा कमीशन

खुलासा : फर्जी अपहरण की गुत्थी पुलिस ने सुलझाई, लुधियाना से महिला समेत चार हुए गिरफ्तार

यूपी : माफिया मुख्तार का विधायक बेटा अब्बास अंसारी भगोड़ा घोषित, कोर्ट ने जारी किया कुर्की का नोटिस

बाबूलाल और कालु कुंआ चौराहा बनेंगे मनभावन : डीएम दुर्गा नें किया स्थलीय निरीक्षण

City News Uttar Pradesh
ब्रेकिंग न्यूज़