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October 11, 2026
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'सौ साल' पुराने 'बेशक़ीमती खजाने' की खुदाई: टाइगर रिजर्व में घुसा गिरोह, देखकर उड़े होश
उत्तर प्रदेशबुंदेलखंड

‘सौ साल’ पुराने ‘बेशक़ीमती खजाने’ की खुदाई: टाइगर रिजर्व में घुसा गिरोह, देखकर उड़े होश !

विनोद मिश्रा डायरेक्टर सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश

  • विनोद मिश्रा

बांदा। देश-दुनिया में बाघों की पुनर्स्थापना का मॉडल कहे जाने वाले “पन्ना टाइगर रिजर्व की सुरक्षा में बड़ी सेंध” का “सनसनीखेज मामला” सामने आया है। बेहद संवेदनशील और कड़ी सुरक्षा वाले “कोर एरिया में आधुनिक उपकरणों” के साथ “गड़ा धन खोजने” पहुंचे चार लोगों को “पकड़ा” गया है। चंद्रनगर रेंज की राजगढ़ बीट में हुई इस “कार्रवाई ने पूरे पार्क प्रबंधन और सुरक्षा तंत्र को कठघरे में खड़ा” कर दिया है।'सौ साल' पुराने 'बेशक़ीमती खजाने' की खुदाई: टाइगर रिजर्व में घुसा गिरोह, देखकर उड़े होशबाघों की मौजूदगी वाला यह क्षेत्र आम लोगों के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित है। यहां तक कि “बिना परमिट परिंदा भी पर नहीं मार” सकता। फिर सवाल उठता है कि मेटल डिटेक्टर, जीपीएस और आधुनिक खुदाई के उपकरणों के साथ बाहरी लोग अंदर तक पहुंचे कैसे ? क्या सुरक्षा में तैनात “स्टाफ की मिलीभगत है या निगरानी तंत्र पूरी तरह फेल” है ?प्यास बुझाने के नाम पर जंगलों की 'बलि' : 17 हज़ार पेड़ों पर चढ़ेगा 'केन-बेतवा' लिंक प्रोजेक्टपन्ना टाइगर रिजर्व के उपसंचालक वीरेंद्र पटेल के अनुसार चारों आरोपियों को अवैध रूप से कोर क्षेत्र में घुसकर “गड़ा धन खोजते हुए रंगे हाथ पकड़ा” गया। आरोपियों के खिलाफ “वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 की सुसंगत धाराओं में वन अपराध प्रकरण दर्ज” कर चारों को राजनगर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया है। मामले में सबसे “चौंकाने वाला पहलू” यह है कि चर्चा है कि “गड़ा धन खोजने वाली इस गैंग में 8 से 10 लोग” शामिल थे।'सौ साल' पुराने 'बेशक़ीमती खजाने' की खुदाई: टाइगर रिजर्व में घुसा गिरोह, देखकर उड़े होशफिर पार्क प्रबंधन ने सिर्फ 4 की गिरफ्तारी की पुष्टि क्यों की ? बाकी 6 लोग कौन थे और वे कैसे फरार हो गए ? प्रबंधन इस सवाल पर चुप्पी साधे हुए है। पकड़े गए आरोपियों में बिहारी पटेल निवासी टपरियन, तहसील राजनगर, जिला छतरपुर, चंद्रका प्रसाद तिवारी निवासी इंद्रपुरी कॉलोनी, पन्ना, छोटेलाल राजपूत निवासी तिनदवारा, तहसील नरैनी, जिला बांदा और ओम नरेंद्र कोरी निवासी मुरारपुर, तहसील नरैनी, जिला बांदा शामिल हैं।'सौ साल' पुराने 'बेशक़ीमती खजाने' की खुदाई: टाइगर रिजर्व में घुसा गिरोह, देखकर उड़े होशमामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि चर्चा है कि गड़ा धन खोजने वाली इस गैंग में 8 से 10 लोग शामिल थे। फिर पार्क प्रबंधन ने सिर्फ 4 की गिरफ्तारी की पुष्टि क्यों की ? बाकी 6 लोग कौन थे और वे कैसे फरार हो गए ? प्रबंधन इस सवाल पर चुप्पी साधे हुए है। अब देखना होगा कि इस मामले में “सिर्फ 4 प्यादों को जेल भेजकर खानापूर्ति” की जाती है या “कोर एरिया” तक इस “गैंग को पहुंचाने वाले बड़े चेहरों तक भी जांच” पहुंचती है।

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

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