23.8 C
Lucknow
October 11, 2026
City News Uttar Pradesh
कृषि विभाग की 'कागजी खेती': मोटे अनाज की 'हवा-हवाई' पैदावार, ज़मीन पर 'गायब' है सच्चाई
उत्तर प्रदेशबुंदेलखंड

कृषि विभाग की ‘कागजी खेती’: मोटे अनाज की ‘हवा-हवाई’ पैदावार, ज़मीन पर ‘गायब’ है सच्चाई

विनोद मिश्रा डायरेक्टर सिटी न्यूज़ उत्तर प्रदेश

  • विनोद मिश्रा

बांदा। कृषि विभाग के “झूठे आश्वासन और हास्यास्पद लक्ष्य” क्या “किसान सचमुच इस बार दोगुना पैदावार कर पाएंगे ?” वर्तमान में कृषि विभाग की नीतियों ने एक बार फिर से “किसानों को झूठे वादों के जाल में फंसा” दिया है। हाल ही में कृषि विभाग ने अन्नदाता को “नए मोटे अनाज” उगाने के लिए किसानी में “दोगुना उत्पादन का लक्ष्य” तय कर दिया है, लेकिन यह लक्ष्य क्या सत्य है, या सिर्फ झूठा आश्वासन? यह सवाल अब हर किसान के दिल में गूंज रहा है।

कृषि विभाग की 'कागजी खेती': मोटे अनाज की 'हवा-हवाई' पैदावार, ज़मीन पर 'गायब' है सच्चाईकृषि विभाग ने इस साल मोटे अनाजों की बुआई के लिए जो लक्ष्य तय किया है, वह न केवल हास्यास्पद है, बल्कि यह किसानों की मुसीबत और बेहद दुरुह परिस्थिति में न केवल बढ़ोतरी करेगा, बल्कि यह कृषि विभाग की नपुंसकता को भी उजागर करेगा। वर्ष 2023-24 के लिए 92 हजार हेक्टेयर में “मोटे अनाज उगाने का लक्ष्य” रखा गया है, जिसमें ज्वार, बाजरा, मक्का, रागी, सांवा, कोदो जैसे पुराने फसल शामिल हैं। लेकिन धरातल पर इस लक्ष्य की कोई प्रामाणिकता नहीं है।

"श्री" नहीं बन पाई "भाग्य श्री" : सरकारी कवायदें चारों खानें चित्त ! खुल गई लफ्फाजी ?कृषि विभाग का दावा है कि इस साल मोटे अनाजों की बुआई में वृद्धि हो रही है और मानसून के साथ खरीफ की फसलों में इस वर्ष दोगुनी बुआई का लक्ष्य है। लेकिन धरातल पर किसान इन लक्ष्यों को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं। पहले से ही सूखा, पानी की कमी और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से परेशान किसान अब कृषि विभाग की झूठी घोषणाओं और अवास्तविक लक्ष्यों के शिकार हो रहे हैं।

कृषि विभाग की 'कागजी खेती': मोटे अनाज की 'हवा-हवाई' पैदावार, ज़मीन पर 'गायब' है सच्चाईकृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मोटे अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, कोदो, रामदाना आदि फसलों के उत्पादन में कम पानी की आवश्यकता होती है और सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। इसके बावजूद, किसान इन फसलों को अब खेतों में कम ही उगाते हैं, क्योंकि वर्तमान बाजार की मांग और सरकारी मदद न के बराबर होती है। पुराने जमाने में ये फसलें प्रमुख थीं, लेकिन बदलते समय और अर्थव्यवस्था के चलते अब किसान इनसे मुंह मोड़ चुके हैं। वहीं, उप निदेशक कृषि विजय कुमार का कहना है कि इस साल किसानों को मोटे अनाजों की बुआई में निरंतर समर्थन और मदद मिलेगी, लेकिन कृषि विभाग की झूठी घोषणाएं और आडंबर केवल किसानों की उम्मीदों को और तोड़ने का काम करती हैं।

 
 



Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 





 

Sharad Mishra [ Editor In Chief ] CITY NEWS Uttar Pradesh
 
Subscribe to us on Youtube to watch the latest video news updates.

Notice: This report has been updated by City News Uttar Pradesh Desk, . Full responsibility for the content of this report rests with City News Uttar Pradesh Desk. Neither www.citynewsuttarpradesh.in nor the Editorial Board bears any responsibility.

Related News

डीएम और एसपी नें दीपावली पर्व पर दी शुभकामनाएं: पटाखों से सावधानी पर जोर

City News Uttar Pradesh

चित्रकूट मंडल कड़ाके की ठंड की चपेट में : मौसम विभाग नें जारी किया अलर्ट

City News Uttar Pradesh

प्रतिनिधि अंकित ने संभाली विकास की कमान: शुरू किया पुनः जनसंपर्क एवं निरीक्षण

City News Uttar Pradesh

शर्मनाक : नाबालिग बुआ को सोते समय उठा ले गया भतीजा, खेत में ले जाकर की दरिंदगी, पुलिस ने घर से किया गिरफ्तार

सचिवालय बना ‘सफेद हाथी’: कीचड़ में ‘कैद’ हुई सरकारी व्यवस्था, कागजों की हकीकत उजागर !

City News Uttar Pradesh Desk

Banda : दस्यु प्रभावित क्षेत्रों के जंगल मे भारी पुलिस फोर्स द्वारा की गई कॉम्बिंग…

City News Uttar Pradesh
ब्रेकिंग न्यूज़